रायपुर। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा पाटन में 6 केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी तीन काला कानून को वापस कराने, राज्य सरकार द्वारा लागू किये सौदा पत्रक काला कानून के खिलाफ आज 2 मार्च को ब्लाक ऑफिस के सामने पाटन में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा पाटन इकाई द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना आंदोलन का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे, जी.पी.चंद्राकर, अशोक ताम्रकार, चेतन देवांगन, शिवनारायण ताम्रकार, गिरधारी ठाकुर एवं विमल ताम्रकार ने किया। धरना आंदोलन में विमलेश चंद्राकर, धनेश सिंघौर, बिसरू राम कुर्रे, तुकाराम साहू, नेमीचंद बंजारे, गोपाल साहू, राजाराम सिंघौर, लखन साहू, राजेश सिंघौर, गोपाल ध्रुव, मनहरण साहू,सुखचंद साहू, डूमर सिंह सहित अन्य किसानों ने भाग लिया। धरना सभा को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने कहा कि देश में एक मात्र छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा है जो केंद्र सरकार के तीन काला कानून और एक राज्य सरकार द्वारा लागू सौदा पत्रक काला कानून के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रदेश में आंदोलन चला रही है। साथ ही साथ फसलों के समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिलाने, बंद मंडियों को खुलवाकर समर्थन मूल्य में खरीदी बिक्री को शीघ्र लागू कराने तथा राज्य भर में लघु सिंचाई योजना को गांव-गांव लागू कराने के लिये केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए सतत किसान मोर्चा आंदोलन चला रहा है।अशोक ताम्रकार ने कहा कि भूपेश सरकार अपनी किये वादा को पुरा करने के लिए 2 वर्ष का बकाया बोनस और इस वर्ष का राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि किसानों को शीघ्र ही प्रदान करे। धरना सभा को राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के संस्थापक दाऊ जी.पी.चंद्राकर,चेतन देवांगन, शिवनारायण ताम्रकार, विमल ताम्रकार, बिसरू राम कुर्रे, बिमलेश चंद्राकर सहित अन्य क्षेत्रीय किसान नेताओं ने संबोधित किया। धरना प्रदर्शन के बाद संध्या 04 बजे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय मांग पत्र एस डी एम पाटन को सौंपा गया।
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