श्रीकृष्ण राधा का प्रेम- त्याग, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक है, लेकिन क्या आप जानते हैं असीम प्रेम होने के बाद भी श्रीकृष्ण और राधा ने शादी क्यों नहीं की? इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. पंडित इंद्रमणि घनस्याल आज इन कथाओं को बता रहे हैं. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, यशोदा के भाई रायान गोपा से राधा का विवाह हुआ था, जिस वजह से राधा रिश्ते में श्रीकृष्ण की मामी लगने लगी थीं. कहा जाता है इस वजह से उनकी शादी नहीं हो सकी. श्रीकृष्ण के रुक्मणी से विवाह के पीछे एक वजह बताई जाती है कि उन्होंने रुक्मणी को ही राधा का स्वरूप मान लिया था. एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, वृंदावन छोड़ते वक्त श्रीकष्ण ने राधा से वापस लौटकर आने का वादा किया था. जब श्रीकृष्ण लौटकर आए तो उनकी मुलाकात रुक्मणी से हुई थी. रुक्मणी ने अंतर्मन में श्रीकृष्ण जी को अपना पति मान लिया था. तब श्रीकृष्ण जी ने रुक्मणी से विवाह कर लिया. कहा जाता है कि बालपन में जब श्रीकृष्ण और राधा की मुलाकात हुई थी, तब उन्हें प्रेम का आभास हो गया था. लेकिन राधा श्रीकृष्ण की उम्र से 11 महीने बड़ी थी. दोनों के बीच आध्यात्मिक प्रेम था, इसलिए दोनों शादी के बंधन में नहीं बंधे.
विवाह की एक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, जब श्रीकृष्ण बाल अवस्था में नंद बाबा की गोद में खेल रहे थे, तब उन्हें एक अद्भुत शक्ति का आभास हुआ. कहा जाता है कि वो अद्भुत शक्ति राधा ही थीं, जिसके बाद कृष्ण जी बाल अवस्था से यौवनावस्था में पहुंच गए. तब ब्रह्मा जी ने राधा-कृष्ण का विवाह करवाया था, जिसके बाद ब्रह्मा जी और राधा जी अंतरध्यान हो गए और श्री कृष्ण वापस अपनी बाल अवस्था में आ गए.
भगवान कृष्ण और राधा ने एक दूसरे से क्यों नहीं की थी शादी? ये थी वजह
Related Posts
Add A Comment



















