रायपुर। बेरला जनपद सदस्य एवं सभापति पूजा टिकरिहा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से विनम्र आग्रह है कि राज्य में पंचायतीराज अधिनियम के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण के तहत पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। परन्तु विगत कुछ वर्षों से जिस प्रकार क्रियान्वयन हो रहा है, राज्य में यह मूर्त रूप प्राप्त करता परिलक्षित नहीं हो रहा है। महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर पारिवारिक हस्तक्षेप जारी है। उन्होंने आगे कहा कि अगर पुरूषों को ही सम्पूर्ण कार्य एवं वास्तविक निर्णय लेने है, तब 50 प्रतिशत आरक्षण को शिथिल कर मुक्त कर दिया जावे जिससे उन व्यक्तियों को मौका मिले जो स्वयं जिम्मेदारी का वहन कर (ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत) त्रिस्तरीय पंचायत की मजबूत शाखा बन जनता के हित में कार्य कर सकें। क्योंकि जिस प्रकार से कार्य हो रहे हैं वह नारी सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के निर्धारित शासकीय लक्ष्य पर आघात है। जब एक महिला (वैज्ञानिक, चिकित्सक, कृषक, मजदूर, नर्स, मितानिन, आशा, पायलट, सैनिक, पुलिस, ओलंपिक खेलों, मैराथन, अभियंता, वकील, फार्मासिस्ट, पटवारी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका, एवं कलाकार) की बाकी जिम्मेदारियों में अगर पारिवारिक हस्तक्षेप हुए तब प्रदेश एवं देश की स्थिती कितनी भयावह होगी विचारणीय है। पूजा टिकरिहा आगे कहा कि अत: महोदय उपरोक्त विषय पर ध्यान आकर्षित करते हुए 1994 से 1999 तक जिस प्रकार पंचायतीराज अधिनियम के तहत सशक्त महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभायी थी वर्तमान में उचित कार्यवाही कर अधिनियम का पालन करवाने का अनुरोध करते हैं।
महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर पारिवारिक हस्तक्षेप जारी, नारी सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के निर्धारित शासकीय लक्ष्य पर आघात : पूजा टिकरिहा
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