आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उपस्थिति में जारी संकल्प पत्र(घोषणा पत्र) से राज्य के सवा लाख पेंशनर की उम्मीद पर पानी फिर गया है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन प्रदेश संयोजक वीरेन्द्र नामदेव ने प्रतिक्रिया व्यक्त किया है कि भाजपा के संकल्प पत्र में 22 वर्षो से पेंशनरों आर्थिक भुगतान में बाधक म. प्र. राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के विलोपित की बात को संकल्प पत्र में स्थान देने के लिए दोनो राजनैतिक दल को सुझाव दिया गया है परंतु भाजपा का संकल्प पत्र की घोषणा हो चुकी है। इससे राज्य के पेंशनरों को घोर निराशा हुई है। अब कांग्रेस का घोषणा पत्र का इंतजार रहेगा। जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष व छत्तीसगढ़ पेंशनर्स फेडरेशन के संयोजक वीरेंद्र नामदेव, पेंशनधारी कल्याण संघ के डॉ डी पी मनहर, प्रगतिशील कल्याण संघ के आर पी शर्मा, पेंशनर्स एसोशिएसन के यसवन्त देवान, पेंशनर्स महासंघ के जे पी मिश्रा तथा पेंशनर्स समाज के ओ पी भट्ट आदि ने भारतीय जनता पार्टी से छत्तीसगढ़ में 49(6) को विलोपित करने, केशलेश चिकित्सा, नि:शुल्क बस यात्रा,65 वर्ष आयु में 10% अतिरिक्त पेंशन, विधवा पुत्री को परिवार पेंशन की अहर्ता,भारत भ्रमण, मृत्यु पर एग्रेसिया का प्रावधान, नियमित किये गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी वर्ग को अवकाश नगदीकरण एवं नियमित कर्मचारी की तरह सम्पूर्ण सेवा की गणना कर पेंशन लाभ, जबरिया रिटायर कर्मचारियों की बहाली आदि मुद्दों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करने का सुझाव दिया था। जिसमें किसी बिंदु को शामिल नहीं किए जाने से पेंशनरों को संकल्प पत्र ने निराश किया है।
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