रिश्ते शीशे की तरह होते हैं, जो हमारी गहरी भावनाओं और छोटी-बड़ी कमजोरियों को दर्शाते हैं। कभी-कभी हम कुछ ऐसी परिस्थितियों में फंस जाते हैं, जो हमारे अंदर तीव्र भावनाएँ पैदा कर देती है। इनकी वजह से अक्सर हम कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर देते हैं। ऐसी प्रतिक्रियाएं हमारे रिश्ते पर गहरे घाव छोड़ देती हैं। इन भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को “ट्रिगर” कहा जाता है। हम अक्सर रिश्ते में ट्रिगर महसूस करते हैं। लेकिन क्यों? पिछले अनुभवों, अधूरी जरूरतों या अनसुलझे मुद्दों की वजह से हम ट्रिगर हो जाते हैं। बार-बार और बात-बात पर ट्रिगर होना रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए ट्रिगर्स को पहचानने और समझने की कोशिश करें। पता लगाएं कि क्या चीजें आपको परेशान कर रही है जिसकी वजह से आप ट्रिगर हो रहे हैं ताकि आप इन्हें बेहतर तरीके से संबोधित कर पाएं। चलिए आपको कुछ ऐसी परिस्थितियों के बारे में बताते हैं, जिनकी वजह से अक्सर लोग ट्रिगर हो जाते हैं। अच्छे और हेल्दी रिश्ते के लिए सम्मान सबसे जरुरी होता है। अगर आपका पार्टनर आपको बार-बार अपमानित कर रहा है या आपको दबा रहा है तो आपका ट्रिगर होना जायज है। लेकिन बार-बार ट्रिगर होना आपके खुद के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए अगर आपका पार्टनर बार-बार आपको अपमानित कर रहा है तो रिश्ते से बाहर निकलना आपके लिए बेहतर रहेगा। रिश्ते में हमें अपने पार्टनर की देखभाल करनी पड़ती है। हमें अपने पार्टनर का और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना पड़ता है। इन्हीं चीजों की हम अपने पार्टनर से उम्मीद करते हैं। ऐसे में अगर पार्टनर हमारी परवाह करना बंद कर दें या हम पर ध्यान न दें तो हम ट्रिगर हो जाते हैं। ट्रिगर होने की वजह से अक्सर हम लड़ाई-झगड़ों पर उतर आते हैं, जो रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है। बहुत से लोग अपने पिछले रिश्तों के बुरे अनुभव दिल में दबाकर रखते हैं। इन बुरे अनुभवों का असर लंबे समय तक दिखता है। ये हमारे नए रिश्ते पर असर डालते हैं। हमें अक्सर छोड़े जाने का डर सताता रहता है। इसलिए हमारे पार्टनर के व्यवहार में थोड़ा सा बदलाव आते ही हम डर जाते हैं और प्रभावित हो जाते हैं। ये चीजें हमें बुरी तरह ट्रिगर करती हैं।

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