
रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन रायपुर के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मांग की हैं कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पेंशनर्स हित में मार्च 2020 में दिये निर्देश के तहत 6 प्रतिशत ब्याज सहित छटवें वेतनमान का 32 माह का एरियर्स का भुगतान सरकार के द्वारा किया जायें, साथ ही सातवें वेतनमान का जनवरी 2016 से 27 माह के एरियर्स का भुगतान किया जायें एवं केन्द्र के कर्मचारियों को जिस तरह समय-समय पर महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है उसी तरह से राज्य के पेंशनरों का भी लंबित भुगतान दीपावली के पूर्व किया जायें। बीमार पेंशनर्स को औषधि नि:शुल्क प्रदान करने हेतु बजट का प्रावधान किया जायें। पेंशनर्स को 80 वर्ष के स्थान पर 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 20 प्रतिशत वेतनवृद्धि की जायें। जनवरी 19 से बकाया 5 प्रतिशत मंहगाई भत्ते की रोकी गयी किस्त भी तत्काल प्रदान की जावें। छत्तीसगढ़ शासन पेंशनर्स को भूल सा गया हैं। नियमित कर्मचारियों की तरह सुप्रीम कोर्ट की मंशानुरूप सारे भुगतान पेंशनर्स को किये जायें अन्यथा मजबूर होकर पेंशनर्स को शासन के खिलाफ आन्दोलन के लिये बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। जारी विज्ञप्ति में पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष एएन शुक्ला, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष जेपी मिश्रा, फेडरेशन से जुड़े विभिन्न पेंशनर संघो से गंगाप्रसाद साहू, भूपेन्द्र शर्मा, सी एस पांडेय, आरसी पटेरिया, डॉ पीआर धृतलहरे, लोचन पांडेय, डॉ वाई सी मिश्रा,शरद अग्रवाल, गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, ज्ञानचंद पारपियानी, बीडी उपाध्याय, द्रोपदी यादव,आर के नारद, विद्यादेवी साहू सी एल चन्द्रवंशी, श्यामलाल प्रधान, तीरथ यादव, रमेश नन्दे, पी एल टण्डन, एल एन साहू, अशोक जैन, अरुण दुबे, जी पी पटेल,बी एल पटले, आर पी शर्मा, बी डी यादव, बी के सिन्हा, ए डी बंजारे, एसके चिलमवार हीरालाल नामदेव आदि पेंशनर्स ने मांग की है कि मांग जल्द से जल्द पूरी की जायें।


















