असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व पर सदियों से चली आ रही रावण दहन की परम्परा के तहत आयोजित होने वाले मेले एवं बड़े आयोजनों पर इस बार वैश्विक महामारी कोरोना का ग्रहण लग गया वहीं इस कारण रावण के पुतले बनाने वाले लोग मायूस नजर आ रहे हैं। कोरोना के चलते राजधानी सहित अन्य शहरों में इस अवसर पर आयोजित रावण दहन पर मेले एवं अन्य भव्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा सकेंगे, जिससे इस बार लोग ऊंचे-ऊंचे रावण के पुतले दहन होते नहीं देख पायेंगे और न ही इस अवसर पर आयोजित रामलीला एवं मेलों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकेंगे। कोरोना के कारण इस बार रावण के पुतलों की मांग बहुत कम नजर आ रही है। कोरोना के मद्देनजर लोगों को जागरूक करने के लिए कारीगरों ने इस बार कोरोना रावण के पुतले भी बनाएं है। एक कारीगर ने बताया कि कोरोना रावण के पुतलों के दहन से कोरोना का भी अंत हो जायेगा।
Related Posts
Add A Comment


















