बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की हाई सिक्योरिटी वाली परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल इन दिनों सुर्खियों में हैं। जेल में बंद तीन कैदियों का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में यह कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस वीडियो में कैदी यह दावा करते नजर आए कि उन्हें डीजीपी आलोक कुमार ने उपलब्ध कराए हैं। हालांकि जांच में यह आरोप पूरी तरह निराधार पाया गया। जांच में कैदियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये वीडियो जानबूझकर बनाए थे ताकि जेल में चल रहे सुधार के कदमों को बाधित किया जा सके।
वीडियो में जेल अधिकारियों का उड़ाया मजाक
इस वीडियो में कैदी अधिकारियों का मजाक उड़ाते हुए भी दिखाई दिए। इसके साथ ही 28 मार्च को हुए वाले आरसीबी और एसआरएच मैच का जिक्र करते सुनाई दे रहे हैं। वो कहते हैं कि इस बार आईपीएल का खिताब आरसीबी ही जीतेगी और इस बार भी कप हमारा ही है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो 27 मार्च को रिकॉर्ड था। अगले दिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। मामले के सामने आते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। लापरवाही के आरोप में वार्डन निरंजन कामत, हनुमंतप्पा हडपाड और शिवानंद कारलाबत्ती को निलंबित कर दिया गया है। वहीं ड्यूटी पर तैनात जेलर के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
जेल प्रशास ने चलाया तलाशी अभियान
- जेल प्रशासन ने तलाशी अभियान चलाकर तीन मोबाइल फोन बरामद किए।
- मोबाइल फोन दूध के पैकेट में लिपटे हुए।
- कैदिनों ने इन मोबाइल फोन को लगभग तीन फीट गहराई में पाइपलाइन के भीतर छिपाया हुआ था।
कैदियों ने बताया क्यों बनाया वीडियो
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह छिपाए गए उपकरणों को डिटेक्टर से पकड़ना बेहद मुश्किल होता है। जिन कैदियों ने यह वीडियो बनाया था उनकी पहचान अभि, ज़िप्सिन डैनियल और संजीव के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि हाल ही में कैदियों कोर अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट करने के फैसले के बाद यह घटना सामने आई। माना जा रहा है कि इसी विरोध के चलते इन तीनों कैदियों ने वीडियो बनाए। कैदियों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्हें ये फोन एक नाइजीरियाई कैदी ने दो साल पहले दिए थे। 28 मार्च को परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।



















