देहरादून के झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है. प्रेमनगर थाने में दर्ज इस मामले में विक्रांत पर देश की गोपनीय सूचनाएं साझा करने का भी गंभीर आरोप है. इसके तहत उस पर शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के अंतर्गत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी देहरादून पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विक्रांत कश्यप का संबंध तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान से था और वह लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है. उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, आरोपी देश विरोधी तत्वों के संपर्क में था और उनके निर्देश पर काम कर रहा था. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वह देहरादून के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाकर विदेश में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचा रहा था.
विक्रांत ने शहर के प्रमुख संस्थानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों से संबंधित लोकेशन, वीडियो फुटेज और अन्य अहम जानकारियां साझा की थीं. यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसी कारण इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है.
STF की कार्रवाई के बाद केंद्रीय एजेंसियां भी एक्टिव
उत्तराखंड एसटीएफ की कार्रवाई के बाद केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं. अधिकारियों ने आरोपी से कई दौर की पूछताछ की है, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. जांच एजेंसियां अब विक्रांत के पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और फंडिंग के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही हैं. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनकी भूमिका क्या रही है.
दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी- एसएसपी अजय सिंह
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जांच एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, विक्रांत कश्यप से लगातार पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.



















