बंगाल चुनाव के नतीजों के ठीक बाद हुए हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की आंच अब यूपी तक फैल गई है। शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सीबीआई (CBI) ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी राज कुमार सिंह मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले कि वह सीमा पार कर पाता, पुलिस और CBI की संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। इस मामले में बलिया का यह दूसरा लड़का है जो कानून के शिकंजे में आया है। इससे पहले बंगाल पुलिस ने राज सिंह नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। ये दोनों ही आरोपी बलिया के रहने वाले हैं। राज सिंह जहां कोतवाली इलाके का निवासी है, वहीं राज कुमार सिंह रसड़ा के रतोपुर गांव का रहने वाला है।
बेटा घर से निकल जाए तो बाप को क्या पता
गिरफ्तारी के बाद राज कुमार सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह, जो पेशे से एक बिजली मिस्त्री हैं, इस बात से पूरी तरह हैरान हैं कि उनका बेटा इतने बड़े हत्याकांड में शामिल हो सकता है। पिता का कहना है कि उन्हें राज सिंह और उनके बेटे के बीच किसी भी संबंध की कोई जानकारी नहीं थी। इस पूरे मामले पर आरोपी के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने कहा कि ‘मैंने राज सिंह की गिरफ्तारी के बारे में सुना था, लेकिन मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे बेटे पर भी इसी मामले में केस दर्ज होगा। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि राज सिंह का मेरे बेटे से कोई संबंध था या नहीं। न तो मैंने और न ही हमारे परिवार के किसी अन्य सदस्य ने कभी राज कुमार को उसका ज़िक्र करते हुए सुना।

बड़े सपने, मुंबई में नौकरी
अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि बलिया का एक सीधा-साधा दिखने वाला लड़का शार्पशूटरों के गैंग में कैसे शामिल हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, राज कुमार सिंह पढ़ाई-लिखाई में औसत था और उसने इंटरमीडिएट के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। पिता ने बताया कि ‘मेरी सारी कोशिशों के बावजूद, मैं उसे बिजली का काम सीखने के लिए कभी मना नहीं पाया। इंटरमीडिएट पूरा करने के बाद, वह अपना ज्यादातर समय जिले में घूमने में बिताता था, इसलिए मैंने उसे काम पर भेजने का फैसला किया।’ वह मुंबई से लौटा और कहा कि वहां का मौसम उसे सूट नहीं करता। मुंबई में, उसने कुछ समय एक प्लेटफॉर्म पर काम किया और बाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर ली।’ लेकिन यूपी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, राज कुमार सिंह कुछ समय के लिए फरीदाबाद में ड्राइवर के रूप में भी काम कर चुका था, जिसकी भनक उसके घरवालों को बिल्कुल नहीं थी।
जांच के लिए सादे कपड़ों में आई पुलिस
पिता ने बताया कि दो गाड़ियों में सवार होकर सादे कपड़ों में कुछ अधिकारी उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने राज कुमार के बारे में पूछताछ की और चले गए। इसके ठीक अगले दिन उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि कल, हमें एक फोन आया जिसने खुद को मुजफ्फरनगर से CBI ऑफिसर बताया। उसने हमें बताया कि राज कुमार सिंह को चंद्रनाथ रथ की हत्या के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है,’ ‘पश्चिम बंगाल में हमारा कोई रिश्तेदार या जान-पहचान वाला नहीं है। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मेरा बेटा कभी कोलकाता गया था या नहीं। मुझे नहीं पता कि उसका किसी से कोई कनेक्शन था या नहीं। एक बार जब कोई जवान घर से निकल जाता है, तो एक पिता को कैसे पता चल सकता है कि वह किससे मिलता है या कहां जाता है’



















