रायपुर। आज हम शख्सियत में आपसे मिलाने जा रहे वो शख्स अद्भुत व्यक्तित्व के धनी है, इसके चलते वे अपने परिचतों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों के बीच हमेशा आकर्षण का केन्द्र रहते हैं। हम बात कर रहें हैं राजधानी रायपुर के ब्राम्हणपारा निवासी दीपक तिवारी जी का जो कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर पदस्थ है। इसके पहले वे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके है। आइये जानते हैं कुछ उनके बारे में-दीपक तिवारी रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय छग के पिता स्व.रामकुमार तिवारी जी निवासी ब्राम्हणपारा रायपुर तत्कालीन जिला मलेरिया अधिकारी के पद पर आसीन थे। इनके दादाजी स्व.श्री रघुनंदन प्रसाद तिवारी जी निवासी ग्राम-भैंसबोड, खर्राबोवा, छापर के भूतपूर्व मालगुजार रहे है। इनके पितामाह स्व.श्री शत्रुघ्र प्रसाद तिवारी जी धार्मिक एवं दानवीर प्रवृत्ति के व्यक्ति के थे तथा इनके द्वारा ग्राम खर्रा जिला दुर्ग में 14 एकड़ कृषि भूमि दान में देकर भगवान शिवशंकर के मंदिर का निर्माण करवाया है। श्री दीपक तिवारी जी द्वारा व्यवहार न्यायधीश वर्ग 2 के पद पर अपनी प्रथम पदस्थापना जगदलपुर बस्तर में पूर्ण की, तत्पश्चात सारंगढ़ में तथा व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 के रूप में जांजगीर में अपनी सेवाएं प्रदान की। जिला-राजनांदगांव में मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट के पद पर आसीन रहे तथा जिला राजनांदगांव एवं बालोद में जिला एवं सत्र न्यायधीश के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान की। माननीय उच्च न्यायालय में अतिरिक्त निदेशक, छग राज्य न्यायिक अकादमी के पद पर पदस्थापना हुई तत्पश्चात रजिस्ट्रार (क्लासीफिकेशन), रजिस्ट्रार (निरीक्षण एवं जांच), रजिस्ट्रार (सतर्कता), संप्रति वर्तमान में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर अपनी सेवाएं प्रदन कर रहे हैं। श्री दीपक तिवारी जी का विवाह स्वर्गीय श्री राधेश्याम द्विवेदी, निवासी ग्राम लमती, भूतपूर्व जिला विपणन अधिकारी की सुपुत्री श्रीमती प्रीति तिवारी के साथ हुआ है। इनकी दो पुत्रियां है-कुमारी समृद्धि बीकाम एलएलएम तथा कुमारी एश्वर्या एमबीबीएस में अध्ययनरत है।

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