नई दिल्ली: सिर्फ घरों की दीवारों को रंगने से लेकर देश की ऐतिहासिक इमारतों और औद्योगिक ढांचे तक, पेंट का कारोबार भारत में एक लंबा सफर तय कर चुका है। लेकिन इस बाजार की कहानी में एक ऐसा नाम भी है, (Oldest Paint Company in India) जिसकी शुरुआत आजादी से पहले, बंगाल में हुई थी। उस वक्त भारत पर अंग्रेजों का शासन था और देश में बड़े पैमाने पर पेंट बनाने का उद्योग आज की तरह विकसित नहीं हुआ था।
हम बात कर रहे हैं शालीमार पेंट्स (Shalimar paints) की, जिसकी शुरुआत 1902 में पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई थी। कंपनी की स्थापना दो ब्रिटिश उद्यमियों ए.एन. टर्नर और ए.एन. राइट ने Shalimar Paint, Colour and Varnish Company के नाम से की थी। उसी साल यहां बड़े पैमाने पर पेंट बनाने का कारखाना लगाया गया, जिसे कंपनी दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी तरह का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बताती है।



















