एमएलसी चुनावों में करारी हार का सामना करने को लेकर अब महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा का बयान सामने आया है. उन्होंने जयपुर में कहा कि हम चुनाव हारें या जीते, लेकिन बैलेट पेपर से वोटिंग की मांग पर कायम रहेंगे. बैलट पेपर से वोटिंग देश और लोकतंत्र की मांग है.
अलका लांबा ने कहा कि चुनाव नतीजे से अलग हम अपनी उस मांग पर कायम हैं. हम सरकार से मांग करते हैं कि आने वाले चुनाव बैलट पेपर से ही कराए जाएं, भले ही हम उसमें भी हार जाएं. अगर सरकार नहीं करेगी तो जब भी हमारी सरकार बनेगी हम यह व्यवस्था लागू करेंगे.
व्यापारियों के विरोध पर क्या कहा?
इसके अलावा अलका लांबा ने विपक्ष की रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों द्वारा किए जा रहे एतराज पर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि व्यापारी कतई विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि आम आदमी पार्टी का सिर्फ एक नेता पूरे व्यापारियों का ठेकेदार बना हुआ है.
‘अरविंद केजरीवाल के कहने पर सामने आए बृजेश गोयल’
अलका लांबा के मुताबिक बीजेपी को जब यह लगा कि विपक्ष की रैली में लाखों की भीड़ आ रही है तो बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल को फोन कर उनसे मदद मांगी. केजरीवाल के कहने पर उनकी पार्टी के नेता बृजेश गोयल सामने आए. वह अकेले ही पूरी ट्रेड यूनियन के ठेकेदार बन गए और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत बीजेपी के लोग उन्हें प्रमोट कर रहे हैं, जबकि दिल्ली के व्यापारी यह जानते हैं कि 10 लाख लोगों की भीड़ आने पर उन्हें कितना फायदा होने वाला है.
‘रैली से व्यापारियों को होगा फायदा’
उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोग कहीं ठहरेंगे, खाना खाएंगे, एक से दूसरी जगह जाएंगे और साथ ही दिल्ली से ही पूरे परिवार के लिए दीपावली की खरीदारी भी करेंगे. ऐसे में यहां के व्यापारियों को नुकसान नहीं बल्कि बड़ा फायदा होने जा रहा है. यही वजह है कि बृजेश गोयल को छोड़कर बाकी व्यापारी चुप हैं और वह रैली का इंतजार कर रहे हैं.
‘सरकार करे व्यापारियों के नुकसान की भरपाई’
व्यापारियों को पता है कि युवाओं के आंदोलन के दौरान कई दिनों के लिए दिल्ली को जब छावनी में तब्दील किया गया था, तब उनको जबरदस्त नुकसान हुआ था. सरकार को चाहिए कि तीन दिनों में हुए नुकसान की भरपाई व्यापारियों को की जाए. व्यापारियों के नाम पर बीजेपी साजिश रच रही है,लेकिन दिल्ली रैली में भारी भीड़ जुटने के बाद ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा.



















