आज देशभर में दिवाली का त्योहार पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. दिवाली खुशियों, रोशनी और सुख-समृद्धि का पर्व है. इस दिन लोग अपने घरों को दीयों, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाते हैं. शाम होते ही घरों में दीप जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
आज देशभर में दिवाली का त्योहार पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. दिवाली खुशियों, रोशनी और सुख-समृद्धि का पर्व है. इस दिन लोग अपने घरों को दीयों, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाते हैं. शाम होते ही घरों में दीप जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
दिवाली के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान भी बनाए जाते हैं. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है. मशहूर ज्योतिषाचार्य मयंक कुशवाहा ने मां लक्ष्मी की चरण पादुकाएं बनाने का सही तरीका बताया है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं, दिवाली पर बाजार में मिलने वाली प्लास्टिक की चरण पादुकाएं खरीदने से बचें. इसके बजाय इन्हें घर पर ही बनाना चाहिए. पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजें शुद्ध होनी चाहिए. इसलिए घर में मौजूद पूजा की चीजों से ही मां लक्ष्मी के चरण चिह्न तैयार करने चाहिए.
घर पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा कैसे करें?
- सबसे पहले एक साफ चौकी लें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं.
- इसपर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर या मूर्ति रखें.
- मां लक्ष्मी के पास भगवान विष्णु को सुपारी के रूप में विराजमान करें. मान्यता है कि जहां भगवान विष्णु होते हैं, वहीं मां लक्ष्मी का वास होता है. पूजा में सोने-चांदी के गहने, धनतेरस पर खरीदे गए बर्तन और कुछ रुपये भी रख सकते हैं.
- इसके बाद कलश स्थापना करें. एक लोटे में पानी भरकर उसमें सुपारी, सिक्का, फूल, अक्षत और हल्दी डालें. लोटे में आम के पांच पत्ते लगाएं. नारियल पर तिलक लगाकर कलावा बांधें और उसे कलश के ऊपर रख दें.
- इसके बाद
- सबसे पहले फूलों से देवी-देवताओं पर जल छिड़कें. इसके बाद दीपक जलाकर पूजा शुरू करें.
- भगवान गणेश और विष्णु जी को जनेऊ और मौली अर्पित करें.
- मां लक्ष्मी को लाल चुनरी, तिलक, अक्षत, फूल, श्रृंगार का सामान, कमल का फूल, कमलगट्टा, गोमती चक्र, कौड़ी, सुपारी और हल्दी की गांठ भी अर्पित करें.
- इसके अलावा गेहूं, चावल, धनिया, धान, पीली सरसों, काली उड़द और मूंग की दाल यानी सात अनाज चढ़ाएं.
- भोग में खील-बताशे, पांच तरह के फल, पंचमेवा और पान के पत्ते पर रखकर प्रसाद अर्पित करें. पूजा में अपनी श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा भी रखें.
- अगर आपने दिवाली का व्रत रखा है, तो पूजा के दौरान व्रत कथा सुनें. अंत में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें.
नोएडा, पटना, मुंबई,लखनऊ…अलग-अलग शहरों में दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली: शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक
नोएडा: शाम 5:54 बजे से 7:49 बजे तक
पटना: शाम 5:28 बजे से रात 7:25 बजे तक
लखनऊ: शाम 5:44 बजे से शाम 7:40 बजे तक
गुरुग्राम: शाम 5:55 बजे से 7:51 बजे तक
चंडीगढ़: शाम 5:52 बजे से 7:46 बजे तक
मुंबई: शाम 6:27 बजे से 8:27 बजे तक
पुणे: शाम 6:24 बजे से 8:24 बजे तक
अहमदाबाद: शाम 6:22 बजे से 8:20 बजे तक
जयपुर: शाम 6:03 बजे से 7:59 बजे तक
कोलकाता: शाम 5:20 बजे से 7:18 बजे तक
चेन्नई: शाम 6:07 बजे से 8:09 बजे तक
बेंगलुरु: शाम 6:17 बजे से 8:20 बजे तक
हैदराबाद: शाम 6:07 बजे से 8:08 बजे तक
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।



















