दन्तेवाड़ा। कलेक्टर दीपक सोनी ने फरसपाल के पारंपरिक मढ़ई में परसुम करसाड़ में सिर में गौर सिंग और ढोल बजाते हुए आम जन के साथ थिरके। जिले के घोटपाल मेले के पश्चात् मंगलवार को परसुम करसाड़ के मुख्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें आस-पास के गांव के लोग देवी-देवताओं के साथ शामिल हुए। बस्तर अंचल में लोक मढ़ई-मेले का बहुत महत्व है। यहां के मेलो में वास्तविक आदिवासी सस्ंकृति की झलक देखने को मिलती है। आस्था एवं संस्कृति के प्रतीक इस मेले में लोगों ने मिलकर ढोल मांदर एवं घुंघरू की थाप में नृत्य एवं गीत गाकर देवी-देवताओं की आराधना की। माना जाता है कि मेलों का इन्तजार लोग सालभर करते हैं क्योकि बच्चे, बूढ़े, महिलाओं सभी को कुछ न कुछ मेले से लेना होता है साथ ही अविवाहित युवक एवं युवतियां ने अपने जीवन साथी का भी चयन करते हैं। जिला कलेक्टर श्री सोनी दन्तेवाड़ा के आदिवासी सभ्यता एवं सस्ंकृति को देश विदेश में पहचान दिलाना चाहते हैं साथ ही यहां के स्थलों को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा दे रहे हैं ताकि यहां के युवा एवं नागरिकों को रोजगार प्राप्त हो सके। अत: उन्होनें जिले की सभी ग्राम पंचायतों में देवगुडिय़ों का कायाकल्प करने की शुरूआत की जिसकी नींव फरसपाल के देवगुड़ी से प्रांरभ हुई थी। वर्तमान में लगभग दस देवगुडिय़ों के कायाकल्प का कार्य पूर्ण हो चुका है बाकि में कार्य प्रगति पर है। माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने 2021-22 के बजट में देवगुड़ी स्थल निर्माण और संरक्षण के लिए 5 लाख रूपये का अनुदान देने की घोषणा की है। जिससे अब देवगुड़ी का और बेहतर कायाकल्प किया जा सकेगा। श्री सोनी ने जिले के पर्यटन क्षेत्र में पंहुचने और वहां पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने की भी योजना बनाई है। जिसकी शुरूआत ढोलकल पहाड़ी के गणेश पर्यटन स्थल से की है। गांव के स्थानीय निवासियों खासकर युवाओं को पर्यटन गाईड का रोजगार प्रदान किया है। यहां कैम्पिंग के लिए तम्बूओं तथा महिला एवं पुरूष शौचालय की भी सुविधा प्रदान की गई है। साथ ही लोगों को होमस्टे की सुविधा भी दी जा रही है। जिसमें जनवरी 2018 से दिसंबर 2020 तक पार्किंग प्रति व्यक्ति शुल्क, गाईड शुल्क, दुकान की आय, भोजन व्यवस्था, कैम्पिंग तथा अन्य से 11 लाख 17 हजार 6 सौ 30 रूपये की आय प्राप्त हुई है। जिससे महिला स्व सहायता समुह पर्यटन गाईड युवाओं तथा स्थानीय निवासियों को अच्छी आमदनी हुई है जिसके लिए वे जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हैं।
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