राजिम। तिरुपति बालाजी से 14 दिनों तक अपहरणकर्ता के चुंगल में रहे शिवम साहू पिता उत्तम साहू के गृह ग्राम वापसी के पहले ग्राम पंचायत पांडुका में जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पदाधिकारी श्रीमती लक्ष्मी अरुण साहू के नेतृत्व में आतिशबाजी और ढोल नगाड़ों से ऐतिहासिक स्वागत किया गया।क्षेत्र के लोग बहुत भारी भीड़ के साथ बालक शिवम का एक झलक पाने को बेताब रहें। गृह ग्राम कुरूद पहुंचने पर लोगों ने मंच पर स्वागत किया, इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं प्रथम पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ल विशेष रूप से उपस्थित थे। विदित हो कि ग्राम कुरूद से 54 लोगों की टोली तिरुपति बालाजी मंदिर दर्शन करने बस से गए थे। वहीं 27 फरवरी की शाम 6 साल का मासूम शिवम का एकाएक अपहरण हो गया। जब परिजन स्थानीय पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराई तब वहां के सी.सी.टी.वी.कैमरे में अज्ञात व्यक्ति को शिवम ले जाते दिखा। तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और स्थानीय प्रिंट मीडिया का सक्रिय भूमिका सराहनीय रहा। आंध्र प्रदेश की पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर शिवम को खोजा गया। कुरूद पहुंचने पर शीतला माता मंदिर, में परिवार सहित पूजा अर्चना कर गांव वालों ने स्वागत के लिए विशेष रूप से रथ का निर्माण किया था जिसमें शिवम को बिठाकर पूरे गाँव मे घुमाया गया। इस अवसर पर विधायक श्री अमितेश शुक्ला ने कहा कि भगवान की कृपा रही कि शिवम सही सलामत मिल गया, हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार के प्रयास और आंध्र प्रदेश सरकार ने उसे सकुशल ढूंढ निकाला। श्रीमती लक्ष्मी साहू ने कहा कि हम सभी ने शिवम के वापसी लिए बहुत ईश्वर प्रार्थना के साथ ही जिला प्रभारी मंत्री एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू निरन्तर सम्पर्क में रहा, इसके अलावा मेरे परिवार में आईएएस होने और पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल जी के बैच मेट होने भी लाभ मिला। शिवम के वापसी उत्सव में साहू समाज के जिला अध्यक्ष भुनेश्वर साहू, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत छुरा गौरव मिश्रा-डोमार साहू, प्रेम साहू, केशर निर्मलकर, ग्राम, लोमश दिवान, सरपंच प्रीतम कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
शिवम का गांव वापसी पर ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ ऐतिहासिक स्वागत…
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