बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे ऑनलाइन क्लास एवं मोहल्ला पढ़ाई में दे रहे सक्रिय योगदान
अमलेश्वर (पाटन)। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल में प्रतिदिन हमारे नायक के रूप में विभिन्न जिलों के एक शिक्षक एवं एक बच्चे / शिक्षा सारथी का चयन किया जा रहा है। ऐसे ही हमारे नायक के रूप में दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के शासकीय उच्च प्राथमिक शाला मगरघटा में पदस्थ शिक्षक एवम वर्तमान में संकुल स्रोत केंद्र पाहन्दा (अ) के उत्कृष्ट संकुल शैक्षिक समन्वयक ललित कुमार बिजौरा का चयन हुआ है। उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के कारण उनका चयन हमारे नायक के रूप में हुआ है। उनके सफलता की कहानी को राजनांदगांव जिला के मोहला ब्लॉक के प्राथमिक शाला मुचर में पदस्थ सहायक शिक्षक शेख अफजल ब्लॉग लेखक ने लिखा है। शासन ने शिक्षकों व बच्चों के प्रेरक पहल को अन्य शिक्षकों व बच्चों तक पहुंचाने के लिए उनकी सक्सेस स्टोरी को सीजी स्कूल डॉट इन पोर्टल में स्थान दिया जा रहा है, ताकि दूसरे शिक्षक व बच्चे भी प्रेरित हो और वह भी उनका अनुसरण करें। आइए जाने हमारे नायक ललित कुमार बिजौरा के बारे में जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और कार्यकुशलता से पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत ऑनलाइन वर्चुअल क्लास और मोहल्ला क्लास का अपने संकुल में बेहतरीन संचालन कर अपने जिले के साथ साथ पूरे राज्य में मिशाल कायम किया है ।

कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूल बंद हुए और स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना लेकर आई। इस योजना की अहमियत को समझते हुए उन्होंने अपने संकुल के सभी टीचर्स की एक कार्यशाला का आयोजन कर एक कार्ययोजना बनाकर सभी को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। इससे यह लाभ हुआ कि संकुल के सभी टीचर्स इस योजना के शुरुआती दिनों से वेबेक्स एप्प और सीजीस्कूलडाट इन के माध्यम से वर्चुअल क्लास लेने लगे और अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ लेने लगे। उनके प्रयासों का नतीजा है कि उनके संकुल के अंतर्गत एंड्राइड मोबाइल धारक महिलाएं अपने आसपास के बच्चों को अपना मोबाइल देती है ताकि वे ऑनलाइन क्लास अटेंड कर सके। ऑनलाइन क्लास ललित की सफलता का राज उनकी कार्यशैली है, वे अपने कार्यों से अपने संकुल के टीचर्स को मोटीवेट करते हैं। उन्होंने अपने संकुल के अंतर्गत 08 प्राथमिक, 05 मिडिल स्कूल और 02 हायर सेकेंडरी स्कूल में व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाकर सभी बच्चों और टीचर्स को जोड़ा। अपने संकुल के टीचर्स की ऑनलाइन क्लास की सतत मॉनीटरिंग के साथ साथ ललित बिजौरा भी नियमित सुबह ऑनलाइन वर्चुअल क्लास लेते हैं। वर्चुअल क्लास में टीचर्स को होने वाली समस्या का समाधान भी करने की कोशिश करते हैं। आज इसी का परिणाम है कि पाटन ब्लॉक का पाहन्दा संकुल ने अपने जिले के साथ साथ छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा है। मोहल्ला क्लास इस योजना के शुरुआती दिनों में ही ललित ने महसूस किया कि वर्चुअल क्लास से बच्चे किसी न किसी कारण से जुड़ नहीं पा रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने आज से 3-4 महीने पहले ही अपने संकुल के अंतर्गत आने वाले गांव में समुदाय की सहभागिता से सार्वजनिक भवन, घरों के आंगन में पढ़े-लिखे ग्रामीण महिलाओं, छात्राओं, की मदद से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए पढ़ाई शुरू करवाया। मोहल्ला क्लास का लाभ ऐसे बच्चों को हुआ जो मोबाइल या नेटवर्क की समस्या के कारण वर्चुअल क्लास से जुड़ नहीं पा रहे थे ऐसे शत प्रतिशत बच्चों को जोडऩे का प्रयास इस योजना के माध्यम से किया जा रहा है। इनके मोहल्ला क्लास का अवलोकन ब्लॉक के साथ साथ दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल द्वारा भी किया गया और उन्होंने प्रशंसा भी किया। प्रचार प्रसार पढ़ई तुंहर दुआर के प्रचार-प्रसार में ललित कुमार बिजौरा का बहुत बड़ा योगदान है। वे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल साइट्स में काफी सक्रिय हैं और इन्हीं के माध्यम से उन्होंने इस योजना को आम जनता तक पहुंचाने का काम किया।

ललित बिजौरा ने अपने संकुल को एक आदर्श संकुल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, और इस मकसद में उन्हें संकुल के सभी टीचर्स और ब्लॉक, जिला से भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस तरह से ललित कुमार बिजौरा ने वाकई में स्कूल शिक्षा विभाग के नायक हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की मूलभूत योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में संकुल शैक्षिक समन्वयकों का बहुत बड़ा योगदान है। ललित कुमार बिजौरा ने एक संकुल शैक्षिक समन्वयक और टीचर होने की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। वे पढ़ई तुंहर दुआर योजना से काफी प्रभावित हैं और चाहते हैं कि अधिक से अधिक टीचर्स और बच्चे इस योजना का लाभ ले। उनका मानना है कि इस कोरोना काल में पढ़ई तुंहर दुआर योजना ने संजीवनी का काम किया है। इस योजना के कारण बच्चे अपने घरों में रहते हुए पढ़ाई से जुड़े हुए हैं। ललित कुमार बिजौरा के इस योगदान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी टी.आर.जगदल्ले, जिला नोडल अधिकारी पुष्पा पुरुषोत्तम, जिला मिशन समन्वयक सुरेंद्र पाण्डे, जिला मीडिया प्रभारी पढ़ई तुंहर दुआर संजय वर्मा, सहायक विकासखण्ड अधिकारी श्रीमती सविता महिलांगे, श्रीमती आकांक्षा अग्रवाल, प्रदीप महिलांगे, बीआरपी संतोष महिलांगे, संकुल प्राचार्य जे.पी.पांडेय, श्रीमती नीता गुप्ता, समस्त संकुल समन्वयक, सहित संकुल के प्रधानपाठक, शिक्षकों ने शुभकामनाएं दी हैं।


















